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शनिवार, 1 अगस्त 2026

सावन के महीने में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं?


 

सावन के महीने में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं? (आयुर्वेद के अनुसार)

सावन में खान-पान का विशेष महत्व

सावन का महीना वर्षा ऋतु का प्रमुख समय होता है। आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में जठराग्नि (पाचन शक्ति) कमजोर हो जाती है। वातावरण में नमी बढ़ने से वात दोष का प्रकोप होता है और पित्त का संचय शुरू हो जाता है। इस समय गलत खान-पान करने से अपच, गैस, पेट दर्द, दस्त, त्वचा रोग और संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

इसलिए सावन में हल्का, सुपाच्य और ताजा भोजन करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है।

सावन में क्या खाएं?

1. हल्का और ताजा भोजन

  • मूंग दाल की खिचड़ी
  • दलिया
  • ताजा रोटी
  • हल्की सब्जियां
  • घर का बना ताजा भोजन

2. घी का सीमित सेवन

थोड़ी मात्रा में देशी घी पाचन में सहायता करता है तथा शरीर को बल प्रदान करता है।

3. मसाले

  • अदरक
  • जीरा
  • धनिया
  • काली मिर्च
  • हल्दी
  • हींग

ये मसाले पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

4. मौसमी फल

  • अनार
  • सेब
  • नाशपाती
  • पपीता
  • केला (सीमित मात्रा में)

फल अच्छी तरह धोकर ही खाएं।

5. उबला या गुनगुना पानी

बारिश के मौसम में हमेशा स्वच्छ, उबला या गुनगुना पानी पीना चाहिए।

6. छाछ

दोपहर के भोजन के बाद जीरा और सेंधा नमक मिलाकर छाछ पीना पाचन के लिए लाभदायक माना जाता है।

सावन में क्या नहीं खाना चाहिए?

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

आयुर्वेद में वर्षा ऋतु में पालक, मेथी, बथुआ जैसी पत्तेदार सब्जियों का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनमें कीटाणुओं और सूक्ष्म जीवों की संभावना अधिक रहती है।

2. बासी भोजन

रात का बचा हुआ भोजन या लंबे समय तक रखा हुआ भोजन नहीं खाना चाहिए।

3. तला-भुना भोजन

समोसा, कचौड़ी, पकौड़े, चिप्स और अधिक तेल वाले खाद्य पदार्थ पाचन को कमजोर कर सकते हैं।

4. अधिक दही

विशेषकर रात में दही खाने से कफ और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

5. ठंडे पेय

बर्फ वाला पानी, कोल्ड ड्रिंक और अत्यधिक ठंडे पेय पाचन अग्नि को मंद कर सकते हैं।

6. सड़क किनारे का भोजन

बरसात में संक्रमण का खतरा अधिक होता है, इसलिए खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें।

सावन में आयुर्वेद की विशेष सलाह

  • समय पर भोजन करें।
  • अधिक भोजन करने से बचें।
  • भोजन हमेशा ताजा और गर्म करें।
  • रोज़ हल्का व्यायाम या योग करें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

क्या सावन में दूध पी सकते हैं?

यदि पाचन ठीक है तो गुनगुना दूध सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। दूध के साथ नमकीन, खट्टे फल या मछली जैसे विरुद्ध आहार का सेवन नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

सावन का महीना शरीर को संतुलित रखने का समय है। इस ऋतु में हल्का, ताजा और सुपाच्य भोजन अपनाकर तथा तले-भुने, बासी और दूषित भोजन से बचकर आप अपनी पाचन शक्ति को मजबूत रख सकते हैं और मौसमी रोगों से काफी हद तक बचाव कर सकते हैं।

अस्वीकरण: यह लेख आयुर्वेद के सामान्य सिद्धांतों पर आधारित है। यदि आपको मधुमेह, किडनी रोग, हृदय रोग, गर्भावस्था या कोई गंभीर बीमारी है, तो अपने चिकित्सक या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही आहार में परिवर्तन करें।